ये दुनिया भी कितनी अजीब है। लेकिन सबसे अजीब है हमारा भारत देश, जहाँ तरह -तरह के लोग और तरह -तरह की बोलियाँ हैं। लेकिन फिर भी हम सब एक हैं , हिन्दुस्तानी हैं। जहाँ विदेशी हमारे देश को गरीब भारत कहते हैं। वहीं ये देश हमारा गौरव है और हम इसे कहते हैं अखण्ड भारत।
ये वही भारत है, जिसने पूरी दुनिया को सबसे महत्वपूर्ण अंक दिया '0' जीरो। अगर ये जीरो न होता तो शायद ही कोई नोट छपता, और न ही दुनिया भर में बैंकों जरूरत होती। ये भारत के जगदीश चन्द्र बसु थे जिन्होंने बताया कि पेड़-पौधों में भी जीवन होता है। अगर वो न बताते तो हम तो यही मानते कि बस काटो और खाते जाओ, जलाते जाओ। शायद ही कभी उस दर्द कि परवाह करते जो पेड़-पौधों को होता है। ये वही भारत है, जिसके सबीर भाटिया ने पूरी दुनिया को HOTMAIL दिया। भारत के विनोद धाम ने ही पेंटियम चिप बनाई, जो आज 90 % कम्प्यूटर्स में इस्तेमाल होता है। भारत सिर्फ यही तक सीमित नहीं है। 28 सालों तक हॉकी में दुनिया का सरताज़ बना रहा। क्रिकेट के भगवान् सचिन रमेश तेंदुलकर भी भारत के ही हैं। क्षेत्रफल कि दृष्टि से सातवें और जनसंख्या कि दृष्टि से दूसरे स्थान पर है भारत। पूरी दुनिया में पूरे शानो शौकत से खेला जाने वाला शतरंज भी भारत ने ही इज़ाद किया।
हमारा भारत हमेशा से ही पूरी दुनिया को पढ़ाने का काम किया है। फिर चाहे वो पहले तक्षशिला और नालंदा जैसे कॉलेज हों या अब DELHI और PUNJAB की यूनिवर्सिटियाँ हों। भारत हमेशा से जगतगुरु रहा है और हमेशा रहेगा। क्योंकि हम अपने कमजोर विद्यार्थियों का हाथ कभी नहीं छोड़ते।
WE LOVE OUR INDIA......